तुलसी (Tulsi, Basil) के फायदे एवं नुकसान, तुलसी (Tulsi, Basil) के पत्तों द्वारा घरेलू उपचार और नुस्खे, तुलसी (Tulsi, Basil) की पत्तियों के सेवन से होने वाले फायदे हिंदी में


तुलसी (Tulsi, Basil) के फायदे एवं नुकसान, तुलसी (Tulsi, Basil) के पत्तों द्वारा घरेलू उपचार और नुस्खे, तुलसी (Tulsi, Basil) की पत्तियों के सेवन से होने वाले फायदे हिंदी में


तुलसी (TulsiBasil) के फायदे एवं नुकसानतुलसी (TulsiBasilके पत्तों द्वारा घरेलू उपचार और नुस्खे, तुलसी (TulsiBasil) की पत्तियों के सेवन से होने वाले फायदे हिंदी में

तुलसी (TulsiBasil)  का पौधा लगभग सभी के घर में पाया जाता हैं खासकर हिन्दू धर्म के लोगों के घर में तो अवश्य पाया जाता हैं. तुलसी (TulsiBasil) का पौधा हिन्दू धर्म में बहुत पूज्यनीय पौधा हैं. तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे को हिन्दू धर्म में देवी (ईश्वर) के रूप में पूजा जाता हैं. तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे को हिन्दू धर्म में सुख एवं कल्याण के रूप में देखा जाता है परन्तु तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे के पौराणिक महत्व के अलावा तुलसी (TulsiBasil)  एक औषधीय पौधा भी हैजिसका प्रयोग हम जटिल से जटिल बीमारियों को रोकने  एवं समाप्त करने के लिए करते हैं.

हम अपने जीवन काल में बुजुर्गों द्वारा तुलसी (TulsiBasil)  की पत्तियों के औषधीय गुणों के बारे में जानते आये हैं फिर भी हम अपने जीवन काल में तुलसी (TulsiBasil)  का प्रयोग बहुत कम मात्रा में करते हैं.

तुलसी (TulsiBasil)  का पौधा एक औषधीय पौधा हैं बहुत कम व्यक्ति ही इसके गुणकारी फायदे जानते हैं. तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे के सभी भाग जैसे -  तुलसी (TulsiBasil की पत्ती, तुलसी (TulsiBasil की टहनी एवं तुलसी (TulsiBasil का बीज बहुत गुणकारी होते हैं. तुलसी (TulsiBasil के पौधे के भाग जैसे -  तुलसी (TulsiBasil की पत्ती, तुलसी (TulsiBasil की टहनी एवं तुलसी (TulsiBasil का बीज आयुर्वेदिक चिकित्सा में बहुत प्रभावी औषधि के रूप में काम आते हैं. तुलसी (TulsiBasil के पौधे को 'औषधियों की रानी (Herb Queen) भी कहते हैं.

तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे के सभी भाग जैसे -  तुलसी (TulsiBasil की पत्ती, तुलसी (TulsiBasil की टहनी एवं तुलसी (TulsiBasil का बीज में बहुत प्रकार के रासायनिक तत्व होते हैं. तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे के सभी भाग जैसे -  तुलसी (TulsiBasil की पत्ती, तुलसी (TulsiBasil की टहनी एवं तुलसी (TulsiBasil का बीज का प्रयोग करने से हम जटिल से जटिल बीमारियों रोक एवं समाप्त भी कर सकते हैं इसी कारण अधिकांश आयुर्वेदिक औषधियों में तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे के सभी भाग जैसे -  तुलसी (TulsiBasil की पत्ती, तुलसी (TulsiBasil की टहनी एवं तुलसी (TulsiBasil का बीज का प्रयोग किया जाता हैं.

तुलसी (TulsiBasil)  मानव शरीर के अंदरूनी एवं बाहरी दोनों हिस्सों में बहुत लाभकारी हैं. तुलसी (TulsiBasil)  का एक बहुत ही विशेष गुण यह हैं कि यह मनुष्य की तासीर के अनुसार लाभ पहुँचाती है.

तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे के सभी भाग जैसे -  तुलसी (TulsiBasil की पत्ती, तुलसी (TulsiBasil की टहनी एवं तुलसी (TulsiBasil का बीज के अत्यधिक गुणकारी होने के कारण तुलसी (TulsiBasil) के पौधे का प्रयोग आयुर्वेद एवं नैचुरोपैथी में किया जाता हैं .

सामान्यतः हम सभी के घरों में दो प्रकार की तुलसी (TulsiBasil)  पाई जाती है. प्रथम तुलसी (TulsiBasil की पत्त‍ियों का रंग थोड़ा गहरा हरा होता है तथा  द्वितीय तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों का रंग हल्का हरा होता है.


तुलसी (TulsiBasil के पौधे के प्रकार

तुलसी (TulsiBasil) के पौधे को हिन्दू धर्म में सुख एवं कल्याण के रूप में देखा जाता है परन्तु तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे के पौराणिक महत्व के अलावा तुलसी (TulsiBasil)  एक औषधीय पौधा भी हैजिसका प्रयोग हम जटिल से जटिल बीमारियों को रोकने एवं समाप्त करने के लिए करते हैं. 

तुलसी (TulsiBasil)  का पौधा हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होता हैं साथ ही साथ तुलसी (TulsiBasil)  का पौधा वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है. तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे पाँच प्रकार में पाए जाते हैं.

राम तुलसी
श्याम अथवा श्यामा तुलसी
श्वेत अथवा विष्णु तुलसी
वन तुलसी
नींबू तुलसी


तुलसी (TulsiBasil के पौधे में पाये जाने वाले पोषक तत्व

तुलसी (TulsiBasil)  का शाब्दिक अर्थ है 'अतुल्यनीय पौधा'। भारतवर्ष में तुलसी (Tulsi, Basil)  को सबसे पवित्र औषधीय पौधा माना जाता है.तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे के सभी भाग जैसे -  तुलसी (TulsiBasil की पत्ती, तुलसी (TulsiBasil की टहनी एवं तुलसी (TulsiBasil का बीज में बहुत प्रकार के रासायनिक तत्व होते हैं.

तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे के सभी भाग जैसे -  तुलसी (TulsiBasil की पत्ती, तुलसी (TulsiBasil की टहनी एवं तुलसी (TulsiBasil का बीज का प्रयोग करने से हम जटिल से जटिल बीमारियों को रोक एवं समाप्त भी कर सकते हैं इसी कारण अधिकांश आयुर्वेदिक औषधियों में तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे के सभी भाग जैसे -  तुलसी (TulsiBasil की पत्ती, तुलसी (TulsiBasil की टहनी एवं तुलसी (TulsiBasil के बीज का प्रयोग किया जाता हैं. तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे में निम्नलिखित रासायनिक तत्व पाए जाते हैं.

विटामिन - ए
विटामिन - बी
विटामिन - सी
विटामिन - के
कैल्शियम
आयरन
क्लोरोफिल
जिंक
ओमेगा- 3
मैग्नीशियम
मैगनीज


तुलसी (TulsiBasil के फायदे

सर्दी- जुखाम होने पर तुलसी (TulsiBasil का प्रयोग

यदि आपको सर्दी- जुखाम अथवा बुखार है तो आप तुलसी (TulsiBasil)  के सम्मिश्रण से तैयार काढ़े का प्रयोग कीजिये. यह काढ़ा सर्दी- जुखाम अथवा बुखार के लिए रामबाण औषधि हैं.

काढ़ा बनाने के लिए आपको मिश्रीकाली मिर्च एवं तुलसी (TulsiBasil) के पत्ते की आवश्यकता होगी. 

सर्वप्रथम आप थोड़ी मात्रा में मिश्रीकाली मिर्च एवं तुलसी (TulsiBasil) के कुछ पत्तों को जल में डालकर आग पर पकाइये. जब मिश्रण अच्छी तरह से मिल जाये तब उसे छानकर पी जाइये. 

इस काढ़े से बहुत जल्द आपको राहत मिलेगी. तुलसी (TulsiBasil)  एक प्राकृतिक औषधि हैं इसलिए इसका प्रयोग करने से आपके शरीर पर किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता हैं .  

दस्त लगने पर तुलसी (TulsiBasil का प्रयोग

यदि आपको दस्त लग रही हैं तो आप इसका घरेलू उपचार तुलसी (TulsiBasil के पत्तों द्वारा कर सकते हैं. तुलसी (TulsiBasil)  के कुछ पत्तों को आप थोड़े से जीरे के साथ पीस लीजिये. तुलसी (TulsiBasil के पत्तों एवं जीरे के मिश्रण को आप दिन में 4 - 5 बार चाट लीजिये. 

तुलसी (TulsiBasil के पत्तों एवं जीरे के मिश्रण का प्रयोग करने से आपकी दस्त रुक जाएगी. तुलसी (TulsiBasil)  एक प्राकृतिक औषधि हैं इसलिए इसका प्रयोग करने से आपके शरीर पर किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता हैं .

सांस की दुर्गंध दूर करने हेतु तुलसी (TulsiBasil का प्रयोग

सांस की दुर्गंध दूर करने हेतु तुलसी (TulsiBasil)  का प्रयोग बहुत लाभकारी होता हैं. यदि आपके मुख से दुर्गन्ध एवं आपकी सांस में दुर्गन्ध आ रही हैं तो आप तुलसी (TulsiBasil)  का प्रयोग कीजिये. तुलसी (TulsiBasil)  का प्रयोग करने से आपके मुख की दुर्गन्ध एवं आपकी सांस की दुर्गन्ध बहुत जल्द दूर हो जाएगी.

मुख की दुर्गन्ध एवं सांस की दुर्गन्ध को दूर करने के लिए आप नियमित तुलसी (TulsiBasil)  के कुछ पत्तों को चबाइए इससे आपके मुख की दुर्गन्ध एवं सांस की दुर्गन्ध बहुत जल्द दूर हो जाएगी.

मुख की दुर्गन्ध एवं सांस की दुर्गन्ध को दूर करने के लिए आप तुलसी (TulsiBasil)  के कुछ पत्तों को पानी में उबालकर उस मिश्रण को ठंडा कर लीजिये. ठंडा हो जाने पर उस पानी से कुल्ला कीजिये. यह क्रिया आप प्रतिदिन नियमित रूप से कीजिये, इससे आपके मुख की दुर्गन्ध एवं सांस की दुर्गन्ध बहुत जल्द दूर हो जाएगी.

तुलसी (TulsiBasil)  एक प्राकृतिक औषधि हैं इसलिए इसका प्रयोग करने से आपके शरीर पर किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता हैं .

चोट अथवा घाव लग जाने पर तुलसी (TulsiBasil का प्रयोग

यदि आपको आपके शरीर के किसी भाग में चोट अथवा घाव लग जाये तो आप आप इसका घरेलू उपचार तुलसी (TulsiBasil के पत्तों द्वारा कर सकते हैं. तुलसी (TulsiBasil)  में एंटी-बैक्टीरियल पदार्थ पाए जाते हैं जिसके कारण आपके शरीर में लगी चोट अथवा घाव पक नहीं पाते हैं और आपका शरीर सुरक्षित रहता हैं .

प्रथम उपाय यह हैं कि आपके शरीर के किसी भाग में चोट अथवा घाव लग जाने पर आप तुलसी (TulsiBasil के पत्तों को फिटकरी के साथ मिलकर एक मिश्रण तैयार कर लीजिये. तुलसी (TulsiBasil के पत्तों एवं फिटकरी के मिश्रण को आप चोट अथवा घाव पर लगाइए ,जिससे आपकी चोट अथवा घाव बहुत शीघ्र ठीक हो जायेगा.

द्वितीय उपाय यह है कि आपके शरीर के किसी भाग में चोट अथवा घाव लग जाने पर आप तुलसी (TulsiBasil के पत्तों को सरसों के तेल में मिलकर एक लेप तैयार कर लीजिये. इस तुलसी (TulsiBasil) के पत्तों एवं  सरसों के तेल द्वारा निर्मित लेप को आप अपनी चोट अथवा घाव पर लगाइए. इस तुलसी (TulsiBasil के पत्तोंएवं  सरसों के तेल द्वारा निर्मित लेप को आपकी चोट अथवा घाव पर लगाने से आपको चोट अथवा घाव द्वारा हो रही जलन से भी राहत मिलेगी और आपकी चोट अथवा घाव बहुत जल्द ठीक हो जाती हैं .

तुलसी (TulsiBasil)  एक प्राकृतिक औषधि हैं इसलिए इसका प्रयोग करने से आपके शरीर पर किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता हैं .

चेहरे की चमक एवं स्किन की देखभाल हेतु तुलसी (TulsiBasil का प्रयोग

चेहरे की चमक एवं स्किन की देखभाल हेतु तुलसी (TulsiBasil)  का प्रयोग बहुत लाभकारी होता हैं. तुलसी (TulsiBasil)  में बहुत सारे एंटी- ऑक्सीडेंटएंटी- बैक्टीरियलएंटी- इफ्लेमेंट्री एवं एंटी- बायोटिक तत्त्व पाए जाते हैं . जिसके कारण हमारे त्वचा संबंधी रोगों जैसे - कील- मुहांसेदाग- धब्बे, चेहरे की चमक इत्यादि में लाभ मिलता हैं .

कैंसर के इलाज में तुलसी (TulsiBasil का प्रयोग

वैज्ञानिकों द्वारा कैंसर के इलाज हेतु बहुत सारे शोध किये गए हैं. इन शोध में यह जानकारी प्राप्त हुई हैं कि कैंसर के इलाज में तुलसी (TulsiBasil) का प्रयोग बहुत ही लाभकारी हैं. शोध में यह पता चला हैं कि तुलसी (TulsiBasilएंटीऑक्सीडेंट गतिविधि को बढाता हैं जिसके प्रभाव से कैंसर ट्यूमर फैलने से रुक जाते हैं .

इम्युनिटी पावर बढ़ाने में तुलसी (TulsiBasil का प्रयोग

तुलसी (TulsiBasil) मानव शरीर के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप काम करता है। तुलसी (TulsiBasil) की  3 - 4 पत्तियों को सुबह प्रतिदिन निगलने से शरीर का इम्यून सिस्टम बहुत मजबूत हो जाता है. 

तुलसी (TulsiBasil) में बहुत सारे एंटी- ऑक्सीडेंटएंटी- बैक्टीरियलएंटी- इफ्लेमेंट्री एवं एंटी- बायोटिक तत्त्व पाए जाते हैं. जिसके कारण हमारे शरीर में इंफेक्शन से लड़ने वाली एंटीबॉडी का उत्पादन बहुत अधिक मात्रा में होने लगता हैं और हम कम बीमार होते हैं.

गुर्दे (Kidney) की पथरी में लाभ हेतु तुलसी (Tulsi, Basil)  का प्रयोग

गुर्दा (Kidney) हमारे शरीर का एक प्रमुख अंग हैं. गुर्दे (Kidney) को साफ़ एवं स्वस्थ रखने के लिए हमें प्रतिदिन नियमित तुलसी (TulsiBasil) का सेवन करना चाहिये. तुलसी (Tulsi,Basil) के नियमित सेवन से पेशाब खुलकर होती हैं जिससे गुर्दा (Kidney) हमेशा साफ़ एवं स्वस्थ रहता हैं. 

तुलसी (TulsiBasil)  के रस की कुछ बूँद को शहद में मिलकर प्रतिदिन नियमित रूप से सेवन करने से गुर्दे(Kidney) की पथरी में लाभ मिलता हैं. इसके सेवन से गुर्दे (Kidneyकी पथरी गल जाती हैं और पेशाब के रास्ते निकल जाती हैं.

पेट से संबंधित रोगों में तुलसी (Tulsi, Basil)  का प्रयोग

प्रायः सभी व्यक्ति पेट से संबंधित रोगों जैसे - पेट में जलनपेट दर्दगैसब्लोटिंग इत्यादि से पीड़ित होते हैं. पेट से संबंधित रोगों जैसे - पेट में जलनपेट दर्दगैसब्लोटिंग इत्यादि के उपचार के लिए तुलसी (TulsiBasil)  एक रामबाण औषधि हैं . तुलसी (TulsiBasil) की पत्तियां एवं तुलसी (TulsiBasil)  के बीज के नियमित सेवन से अल्सर जैसी बीमारी में राहत मिलती हैं.

मानसिक तनाव दूर करने के लिए  तुलसी (TulsiBasil का प्रयोग

वैज्ञानिकों द्वारा मानसिक तनाव के इलाज हेतु बहुत सारे शोध किये गए हैं. इन शोध में यह जानकारी प्राप्त हुई हैं कि मानसिक तनाव के इलाज में तुलसी (TulsiBasil) का प्रयोग बहुत ही लाभकारी हैं. 

तुलसी (TulsiBasil)  में एंटी- स्ट्रेस तत्त्व होते हैं जिसके कारण मानसिक तनाव से हमें राहत मिलती हैं. तुलसी (TulsiBasil)  में पाए जाने वाले एंटी- स्ट्रेस तत्त्व, मानसिक तनाव के कारण हमारे मस्तिष्क में उत्पन्न हुए नकारात्मक विचारों से हमें दूर रखने में भी सहायक होते हैं.


तुलसी (TulsiBasil द्वारा घरेलू उपचार और घरेलू नुस्खे हिंदी में

पेट से संबंधित रोगों जैसे - पेट में जलनपेट दर्दगैसब्लोटिंग इत्यादि के उपचार के लिए राम तुलसी (RamTulsiकी एक बूंद का प्रतिदिन सेवन करना चाहिये. राम  तुलसी (Ram Tulsi) की एक बूंद का प्रतिदिन सेवन करने से पेट से संबंधित रोग जैसे - पेट में जलनपेट दर्दगैसब्लोटिंग इत्यादि ख़त्म हो जाते हैं .

यदि आपके शरीर की त्वचा जल गई हैं तो आप जले हुए स्थान पर तुलसी (TulsiBasil)  की पत्तियों का रस लगाइए. जले हुए स्थान पर तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों का रस लगाने से जलन भी कम होगी और घाव भी जल्दी भरेगा.

यदि आपके कान में दर्द, कान बहना जैसी समस्या हो तो आप तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों के रसको हल्का गर्म करके कान में डालिए. तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों के रस को हल्का गर्म करके कान में डालने से आपको कान में दर्द, कान बहना जैसी समस्या से बहुत जल्द छुटकारा मिलेगा.

चेहरे की चमक (ग्लो) बढ़ाने के लिए नींबू के रस में तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों के रस को मिलाकर लेप बना लीजिये. नींबू के रस और तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों के रस द्वारा निर्मित लेप को नियमित अपने चेहरे पर लगाइए. जल्द ही आपके चेहरे की चमक (ग्लो) बढ़ने लगेगा.

यदि किसी व्यक्ति को सफेद दाग की बीमारी हैं तो नारियल के तेल में तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों का रस मिलकर लेप बना लीजिये और इस लेप को नियमित रूप से त्वचा पर लगाइए.

बुखार, सर्दी जुकाम में थोड़े से पानी में तुलसी (TulsiBasil)  के 5 – 6पत्तियों को उबाल कर ठंडा कर लीजिये. जब यह ठंडा हो जाये तब इस मिश्रण को छानकर प्रतिदिन दो बार सेवन कीजिये. आपको बुखार, सर्दी जुकाम से बहुत जल्द राहत मिल जाएगी.

यदि आपको माइग्रेन अथवा सिर दर्द की समस्या हैं तो आप नियमित रूप से प्रतिदिन तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों द्वारा निर्मित काढ़े का सेवन कीजिये. आपको बहुत जल्द माइग्रेन अथवा सिर दर्द की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी .

पाचन तंत्र (Digestive System) को सही करने के लिए तुलसी (TulsiBasil)  के साथ काली मिर्च का नियमित सेवन कीजिये. तुलसी (TulsiBasil के साथ काली मिर्च का नियमित सेवन करने से आपका पाचन तंत्र (Digestive System) सही हो जायेगा और आपका डाइजेशन भी मजबूत हो जायेगा .

अशुद्ध जल को शुद्ध करने के लिए अशुद्ध जल में तुलसी (TulsiBasil की कुछ पत्तियां डाल दीजिये थोड़ी देर में जल शुद्ध हो जायेगा.

मानसिक तनाव को कम करने के लिए प्रतिदिन तुलसी (TulsiBasil)  वाली चाय का सेवन कीजिये. तुलसी (TulsiBasil) वाली चाय का सेवन करने से आपको मानसिक तनाव में राहत मिलेगी.

यदि आपको बवासीर की समस्या हैं तो आप दही में तुलसी (TulsiBasil के बीज को मिलाकर  नियमित रूप से सेवन कीजिये. आपको बवासीर से राहत मिलेगी .

ऐसे व्यक्ति जिन्हें ठण्ड बहुत अधिक लगती हैं वो तुलसी (TulsiBasil)  के 10 – 12पत्तों को एक गिलास दूध में उबालकर प्रतिदिन सेवन करे.

आपके शरीर के किसी भाग में चोट अथवा घाव लग जाने पर आप तुलसी (TulsiBasil)  के पत्तों को फिटकरी के साथ मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर लीजिये. तुलसी (TulsiBasil)  के पत्तों एवं  फिटकरी के मिश्रण को आप चोट अथवा घाव पर लगाइए ,जिससे आपकी चोट अथवा घाव बहुत शीघ्र ठीक हो जायेगा और आपको किसी भी प्रकार का इंफेक्शन भी नहीं होगा.

यदि आपके शरीर में किसी चोट या आग से जल जाने के कारण त्वचा में जलन हो रही हो तो आप तुलसी (TulsiBasil)  के पत्तों को सरसों के तेल में मिलाकर लेप बना लीजिये और इस लेप को त्वचा में जलन वाले स्थान पर लगाइए. लेप को लगाने के बाद आपको जलन में बहुत राहत मिलेगी. 

चेहरे की स्किन को हाइड्रेट करने के लिए तुलसी (TulsiBasil)  के पत्तों को पीसकर उसे अपने चेहरे पर लगाइए. थोड़ी देर बाद अपने चेहरे को धो लीजिये. इस प्रक्रिया को प्रतिदिन करने से आपकी चेहरे की स्किन हाइड्रेट हो जाएगी. 

यदि आप अपने सिर में डैंड्रफ एवं ड्राई स्कैल्प की समस्या से परेशान हैं तो आप प्रतिदिन अपने सिर में  तुलसी (TulsiBasil के तेल से मसाज कीजिये. आपके सिर में डैंड्रफ एवं ड्राई स्कैल्प की समस्या खत्म हो जाएगी .

यदि आपको लीवर से सम्बंधित कोई समस्या हैं तो आप प्रतिदिन सुबह के समय तुलसी (Tulsi,Basil के पत्तों को पानी में उबालकर सेवन कीजिये. आपकी लीवर से सम्बंधित समस्याएं समाप्त हो जाएगी .

यदि आपकी आंखों में जलन, आंखों में खुजली की समस्या हो तो आप प्रतिदिन 2 बूंद श्यामा तुलसी (Shyama Tulsi) की पत्तियों का  अर्क रात्रि में सोते समय डालिए.

यदि आपको  अस्थमा अथवा सांस से सम्बंधित समस्या हैं तो आप नियमित रूप से प्रतिदिन तुलसी (TulsiBasil) के पौधे के सामने बैठा कीजिये. ऐसा करने से आपकी अस्थमा अथवा सांस से सम्बंधित समस्या समाप्त हो जाएगी.

मुख की दुर्गन्ध एवं सांस की दुर्गन्ध को दूर करने के लिए आप तुलसी (TulsiBasil)  के कुछ पत्तों को पानी में उबालकर उस मिश्रण को ठंडा कर लीजिये. ठंडा हो जाने पर उस पानी से कुल्ला कीजिये. यह क्रिया आप प्रतिदिन नियमित रूप से कीजिये, इससे आपके मुख की दुर्गन्ध एवं सांस की दुर्गन्ध बहुत जल्द दूर हो जाएगी.

यदि आपको गले की खराश की समस्या हैं तो आप तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों को अदरक के रस में मिलाकर मिश्रण बना लीजिये. इस मिश्रण को आप शहद के साथ मिलाकर सेवन कीजिये.इस मिश्रण के सेवन से आपके गले में खराश की समस्या समाप्त हो जाएगी.

दाद खाज एवं अन्य चरण विकारों पर तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों और नींबू का रस समान  मात्रा में मिलाकर दाद खाजएवं अन्य चरण विकारों पर लगाने से लाभ मिलता हैं .

तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से रक्त स्त्राव तथा चक्कर आने के समस्या से राहत मिलती हैं .

यदि आपके कान में दर्द हो रहा हो तो आप तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों के रस में कपूर को मिलाकर 2 - 4 बूँद अपने कान में डाल दीजिये. आपके कान का दर्द ख़त्म हो जायेगा.

यदि आपके दांतों में दर्द हो रहा हो तो आप तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों के रस में काली मिर्च को पीस कर मिला ले और इस मिश्रण की छोटी छोटी गोलियां बना लीजिये. इन गोलियों को दर्द हो रहे दांत के नीचे थोड़ी देर के लिए दबा लीजिये, धीरे धीरे आपका दांत दर्द समाप्त हो जायेगा .

यदि आपको कोई छोटा मोटा कीड़ा मकोड़ा काट ले तो आप काटे गए स्थान पर तुलसी (Tulsi,Basil की पत्तियों के रस को लगा दीजिये. तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों के रस के प्रभाव से विष का असर समाप्त हो जायेगा .

सिरदर्द की समस्या होने पर तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों के रस में कपूर को पीस कर मिला लीजिये और इस मिश्रण को अपने माथे पर लगा दीजिये. आपका सिर दर्द समाप्त हो जायेगा .

यदि आपके पेट में आँव मरोड़ की समस्या हो रही हो तो आप तुलसी (TulsiBasil के पत्तों को सुखाकर उसे पीस ले. तुलसी (TulsiBasil के पत्तों के चूर्ण में जीरा, बेलगिरी का चूर्ण, काला नमक समान मात्रा में लेकर मिश्रण बना लीजिये. इस मिश्रण को दही अथवा छाछ में मिलाकर सेवन करने से आपके पेट में आँव मरोड़ की समस्या समाप्त हो जाएगी.

यदि आपको किसी भी प्रकार का स्किन इंफेक्शन हो तो आप तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों के रस में बेसन मिलाकर लेप बना लीजिये. इस लेप को नियमित रूप से स्किन पर लगाने से आपकी स्किन इंफेक्शन की समस्या समाप्त हो जाएगी.


तुलसी (Tulsi, Basil)  द्वारा ब्यूटी बेनिफिट्स

तुलसी (TulsiBasil)  हमारी स्किन को हाइड्रेट करती हैं .

तुलसी (TulsiBasil)  स्किन हेतु एंटी एजिंग के रूप में काम आती है

बेदाग चेहरा तथा निखरी त्वचा हेतु तुलसी (TulsiBasil) बहुत लाभकारी होती है.

बालों से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की समस्या तुलसी (TulsiBasil) बहुत लाभकारी होती है.


तुलसी (TulsiBasil की पत्तियों के सेवन से होने वाले फायदे हिंदी में

यदि गर्भवती महिलाओं को उल्टी की समस्या हो तो तुलसी (TulsiBasil के पत्तों का सेवन बहुत लाभकारी होता हैं .

यदि आपके शरीर का वजन बहुत अधिक बढ़ गया हैं तो आप नियमित रूप से प्रतिदिन तुलसी (TulsiBasil के पत्तों का रस का सेवन कीजिये, इससे बहुत कम समय में आपके शरीर का वजन कम हो जायेगा.

नियमित रूप से प्रतिदिन तुलसी (TulsiBasil)  का सेवन करने से आपका हृदय (Heart )स्वस्थ तथा सही प्रकार से काम करता हैं. तुलसी (TulsiBasilका सेवन करने से हृदयघात (Heart Attack) नहीं आता हैं.

नियमित रूप से प्रतिदिन तुलसी (TulsiBasil)  का सेवन करने से आपका कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता हैं, जिसके कारण आपके रक्त के थक्के नहीं जम पाते हैं .

तुलसी (TulsiBasil में फॉलेट एवं आयरन जैसे तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर में रक्त को बढ़ाने का काम करते हैं .

तुलसी (TulsiBasil)  के नियमित सेवन से हमारे शरीर में रक्त में हीमोग्लोबिन का स्तर एवं लाल रक्त कोशिका की मात्रा बढ़ जाती हैं जिसके कारण रक्ताल्पता(Anemia) जैसी बीमारी में हमें लाभ मिलता हैं .

तुलसी (TulsiBasil)  में विटामिनफाइबरजिंकफॉस्फॉरसकॉपरमैग्नीशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाने का काम करते हैं .


तुलसी (TulsiBasil का सेवन करने का तरीका हिंदी में

तुलसी (TulsiBasil)का सेवन करने का सर्वोत्तम तरीका यह हैं कि तुलसी (TulsiBasil)  के पत्तों को आप सीधे निगल जाइये अथवा तुलसी (TulsiBasil का रस निकाल कर, तुलसी(TulsiBasil)  का काढ़ा बनाकर सेवन कीजिये. 

तुलसी (TulsiBasil की कुछ पत्तियों को आप चाय में भी डालकर प्रयोग कर सकते हैं. तुलसी (TulsiBasil के पत्तों को कभी भी चबा कर नहीं खाना चाहिये.

इसका प्रथम कारण यह हैं कि तुलसी (TulsiBasil) का पौधा हिन्दू धर्म में बहुत पूज्यनीय पौधा हैं. तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे को हिन्दू धर्म में देवी (ईश्वर) के रूप में पूजा जाता हैं. तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे को हिन्दू धर्म में सुख एवं कल्याण के रूप में देखा जाता है.

इसका द्वितीय कारण यह हैं कि तुलसी (TulsiBasil के पत्तों में पारा नामक तत्व पाया जाता हैं जो कि दाँतों के लिए नुकसानदायक होता हैं .


तुलसी (Tulsi, Basil)  से सम्बंधित आवश्यक बातें

आयुर्वेद शास्त्र में तुलसी (TulsiBasil)  को संजीवनी बूटी की तरह मानते हैं . तुलसी (Tulsi,Basil) के पौधे के सभी भाग जैसे -  तुलसी (TulsiBasil की पत्ती, तुलसी (TulsiBasil की टहनी एवं तुलसी (TulsiBasil का बीज में बहुत प्रकार के रासायनिक तत्व होते हैं.

तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे के सभी भाग जैसे -  तुलसी (TulsiBasil की पत्ती, तुलसी (TulsiBasil की टहनी एवं तुलसी (TulsiBasil का बीज का प्रयोग करने से हम जटिल से जटिल बीमारियों रोक एवं समाप्त भी कर सकते हैं इसी कारण अधिकांश आयुर्वेदिक औषधियों में तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे के सभी भाग जैसे -  तुलसी (TulsiBasil की पत्ती, तुलसी (TulsiBasil की टहनी एवं तुलसी (TulsiBasil का बीज का प्रयोग किया जाता हैं.

तुलसी (TulsiBasil)  मानव शरीर के अंदरूनी एवं बाहरी दोनों हिस्सों में बहुत लाभकारी हैं. तुलसी (TulsiBasil)  का एक बहुत ही विशेष गुण यह हैं कि यह मनुष्य की तासीर के अनुसार लाभ पहुँचाती है.

तुलसी (TulsiBasil)  के पौधे के सभी भाग जैसे -  तुलसी (TulsiBasil की पत्ती, तुलसी (TulsiBasil की टहनी एवं तुलसी (TulsiBasil का बीज के अत्यधिक गुणकारी होने के कारण तुलसी (TulsiBasil) के पौधे का प्रयोग आयुर्वेद एवं नैचुरोपैथी में किया जाता हैं . तुलसी (TulsiBasil)  का पौधे आपके घर को नकारात्मक कुदृष्टि से भी सुरक्षित रखता हैं .

तुलसी वृक्ष ना जानिए।
गाय ना जानिये ढोर।।
गुरू मनुज ना जानिये।
ये तीनों नन्दकिशोर।।

अर्थात्, तुलसी (TulsiBasil)  को आप कभी साधारण पेड़ मत समझिये, गाय को आप कभी पशु मत समझिये, गुरु को आप कभी साधारण मनुष्य मत समझिये क्योंकि यह तीनो साक्षात् भगवान के रूप होते हैं .

तुलसी (TulsiBasil)  से सम्बंधित आवश्यक बातें निम्नलिखित हैं .

1 - तुलसी (TulsiBasil के पत्तों को कभी भी चबा कर नहीं खाना चाहिये.

2 – तुलसी (TulsiBasil)  को कभी भी रविवार के दिन स्पर्श न करें.

3 – शिव जी एवं  गणेश जी की पूजा में तुलसी (TulsiBasil)  का प्रयोग वर्जित हैं.

4 – यदि तुलसी (TulsiBasil)  का पौधा सूख गया हैं तो उसे नहीं रखना चाहिये.

5 – संध्या काल के बाद तुलसी (TulsiBasil)  को स्पर्श नहीं करना चाहिये.


तुलसी (TulsiBasil)  के नुकसान हिंदी में

तुलसी (TulsiBasil)  की तासीर हल्की गर्म होने के कारण तुलसी (TulsiBasil)  का प्रयोग गर्मी के मौसम कम करना चाहिये. तुलसी (TulsiBasil)  का सेवन आप सर्दी के मौसम में आराम से कर सकते, इसके सेवन से आपके शरीर को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होता हैं.

तुलसी (TulsiBasil)  का सेवन करने से आपके शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा कम या ज्यादा हो सकती हैं इसलिए ऐसे व्यक्ति जिन्हें मधुमेह अथवा हाइपोग्लाइसीमिया की समस्या हो वह तुलसी (TulsiBasil)  का सेवन न करे.

यदि आप प्रतिदिन तुलसी (TulsiBasil)  की चाय का सेवन 2 बार से अधिक करते हैं तो आपके पेट एवं सीने में जलनएसिडिटी जैसी समस्या हो सकती हैं .




Advantages and Disadvantages of Basil (Tulsi), Home  Remedies and Remedies by Basil (Tulsi) Leaves, Benefits of consuming Basil (Tulsi) Leaves

Advantages and Disadvantages of Basil (Tulsi), Home  Remedies and Remedies by Basil (Tulsi) Leaves, Benefits of consuming Basil (Tulsi) Leaves

Basil (Tulsi) plant is found in almost everyone's home, especially in the house of people of the Hindu religion. Basil (Tulsi)  plant is a very venerable plant in Hinduism. The Basil (Tulsi)  plant is worshiped as a goddess in Hinduism. The Basil (Tulsi)  plant is seen as a pleasure and well being in Hinduism but in addition to the mythological importance of the Basil (Tulsi)  plantBasil (Tulsi) is also a Medicinal plant, which we use to prevent complex diseases from complex And to finish it.

We have come to know about the Medicinal properties of Basil (Tulsi)  Leaves by the elders in our lifetime, yet we use Basil (Tulsi)  in very small amounts during our lifetime.

Basil (Tulsi) plant is a medicinal plant, very few people know its beneficial benefits. All parts of Basil (Tulsi)  plant such as Basil (Tulsi)  leaf, Basil (Tulsi)  branch, and Basil (Tulsi)  seeds are very effective. Parts of Basil (Tulsi)  plant such as Basil (Tulsi)  leaf, Basil (Tulsi)  branch, and Basil (Tulsi)  seeds are very effective in Ayurvedic Medicine. Basil (Tulsi)  plant is also known as 'Herb Queen'.

All the parts of Basil (Tulsi)  plant such as Basil (Tulsi)  leaf, Basil (Tulsi)  branch, and Basil (Tulsi)  seeds contain many types of chemical elements. By using all the parts of Basil (Tulsi)  plant such as Basil (Tulsi)  leaf, Basil (Tulsi)  sprig and Basil (Tulsi)  seeds, we can also prevent and eliminate complex diseases from the complex, which is why most In Ayurvedic Medicine, all parts of Basil (Tulsi)  plant such as Basil (Tulsi)  leaf, Basil (Tulsi)  branch and Basil (Tulsi)  seeds are used.

Basil (Tulsi)  is very beneficial in both the inner and outer parts of the Human Body. A very special quality of Basil (Tulsi)  is that it gives benefits according to the Human's effect.

All parts of Basil (Tulsi)  plant such as Basil (Tulsi)  leaf, Basil (Tulsi)  sprig, and Basil (Tulsi)  seeds are highly effective because of the Basil (Tulsi)  plant used in Ayurveda and Naturopathy.

Generally, two types of Basil (Tulsi)  are found in the Home s of all of us. The Leaves of the first Basil (Tulsi)  are slightly dark green in color and the Leaves of the second Basil (Tulsi)  are light green in color.


Types of Basil (Tulsi)  Plants

The Basil (Tulsi)  plant is seen as a pleasure and well being in Hinduism but in addition to the mythological importance of the Basil (Tulsi)  plantBasil (Tulsi)  is also a Medicinal plant, which we use to prevent complex diseases from complex And to finish it.

Basil (Tulsi)  plant is very beneficial for our health as well as Basil (Tulsi)  plant is also very important scientifically and spiritually. Basil (Tulsi)  plants are found in five types.

Ram (Sweet) Basil (Tulsi) 
Shyam or Shyama Basil (Tulsi)
White or Vishnu Basil (Tulsi)
Van (Forest) Basil (Tulsi) 
Neembu (Lemon ) Basil (Tulsi)  Lemon  basil


Nutrients found in Basil (Tulsi)  plant

Basil (Tulsi)  literally means 'matchless plant'. Basil (Tulsi)  is considered to be the holiest Medicinal plant in India. All parts of the Basil (Tulsi) plant such as Basil (Tulsi) leaf, Basil (Tulsi) twig, and Basil (Tulsi) seeds have a variety of seeds. It contains chemical elements.

By using all the parts of Basil (Tulsi)  plant such as Basil (Tulsi)  leaf, Basil (Tulsi)  branch, and Basil (Tulsi)  seeds, we can also prevent and eliminate complex diseases. In most Ayurvedic Medicines, all parts of the Basil (Tulsi)  plant such as Basil (Tulsi)  leaf, Basil (Tulsi)  branch, and Basil (Tulsi)  seeds are used. The following chemical elements are found in Basil (Tulsi)  plant.

Vitamin - A
Vitamin - B
Vitamin - C
Vitamins
Calcium
Iron
Chlorophyll
Zinc
Omega 3
Magnesium
Manganese


Benefits of Basil (Tulsi)


Use of Basil (Tulsi)  in Colds or Fever

If you have use of a decoction prepared with a mixture of Basil (Tulsi). This decoction is a panacea for Colds or Fever. To make the decoction, you will need Sugar Candy (Mishri), Black Pepper and Basil (Tulsi) Leaves.

First of all, put a small amount of Sugar Candy (Mishri), Black Pepper  and some Basil (Tulsi)  Leaves in Water and cook it on fire. When the mixture mixes well then filter it and drink it. You will get relief from this decoction very soon. Basil (Tulsi)  is a natural Medicine so using it does not cause any kind of side effects on your body.

Use of Basil (Tulsi)  on Diarrhea

If you are having Diarrhea, you can do this through Home  Remedies with Basil (Tulsi)  Leaves. Grind a few Basil (Tulsi)  Leaves with some Cumin  Seeds. Lick the mixture of Basil (Tulsi)  Leaves and Cumin  Seeds 4-5 times a day. Of Basil (Tulsi)  Using a mixture of Leaves and Cumin  Seeds will stop your DiarrheaBasil (Tulsi)  is a natural Medicine so using it does not cause any kind of side effects on your body?

Use of Basil (Tulsi)  to remove Bad Breath

The use of Basil (Tulsi)  is very beneficial to remove Bad Breath. If you have a foul smell and Bad Breath in your Mouth, you should use Basil (Tulsi). By using Basil (Tulsi), your Mouth  Odor and your Breath will go away very soon.

To remove Mouth  Odor and Bad Breath, you should chew a few Leaves of Basil (Tulsi)  regularly, this will remove your Mouth  Odor and bad Odor very soon.

To remove Mouth Odor and Bad Breath, you boil some Leaves of Basil (Tulsi)  in Water and cool the mixture. Once cooled, rinse with that Water. Do this activity regularly every day, this will remove the bad Odor of your Mouth and Bad Breath.

Basil (Tulsi) is a natural Medicine so using it does not cause any kind of side effects on your body.

Use of Basil (Tulsi)  on Injury or Wound

If you get an Injury or Wound in any part of your body, you can do it through Home  Remedies with Basil (Tulsi) Leaves. Anti -Bacterial substances are found in Basil (Tulsi), due to which the Injury or Wound in your Body does not get caught and your Body remains safe.

The first solution is that in case of Injury or Wound in any part of your body, you prepare a mixture of Basil (Tulsi)  Leaves together with Alum. Apply a mixture of Basil (Tulsi)  Leaves and Alum on the Injury or Wound, so that your Injury or Wound will be cured very soon.

The second solution is that in case of Injury or Wound in any part of your body, you prepare a paste by mixing Basil (Tulsi)  Leaves in Mustard Oil. Apply this paste made by Basil (Tulsi)  Leaves and Mustard Oil on your Injury or Wound. Applying this paste made of Basil (Tulsi)  Leaves and Mustard Oil on your Injury or Wound will also relieve you from the Irritation caused by Injury or Wound and your Injury or Wound is cured very soon.

Basil (Tulsi)  is a natural Medicine so using it does not cause any kind of side effects on your body.

Use of Basil (Tulsi)  for Facial Glow and Skin Care 

Use of Basil (Tulsi) is very beneficial for the Glow of the Face and Skin Care. Many Anti-Oxidant, Anti-Bacterial, Anti -Inflammatory, and Anti -Biotic elements are found in Basil (Tulsi). Due to which our Skin related diseases like - Pimples, Stains, Facial  Glow, etc. are benefited.

Use of Basil (Tulsi)  in the Treatment  of Cancer

A lot of research has been done by scientists to treat Cancer. It has been learned in this research that the use of Basil (Tulsi)  is very beneficial in the Treatment of Cancer. In research, it has been found that Basil (Tulsi)  increases Anti Oxidant activity, due to which the effect of Cancer stops the Tumor from spreading.

Use of Basil (Tulsi)  to increase Immunity Power

Basil (Tulsi)  acts as a protective shield for the Human Body. Swallowing 3 - 4 Leaves of Basil (Tulsi)  daily in the morning makes the Body's Immune System very strong. Many Anti -Oxidant, Anti -Bacterial, Anti -Inflammatory, and Anti -Biotic elements are found in Basil (Tulsi).Due to which the production of Anti Bodies to fight infection starts in a very high quantity and we are less ill.

Use of Basil (Tulsi)  for benefits in Kidney Stones

A kidney is a major part of our Body. To keep the Kidney clean and healthy, we should take regular Basil (Tulsi) daily. Regular intake of Basil (Tulsi)  makes Urine open so that the Kidney is always clean and healthy. Taking a few drops of Basil (Tulsi) juice in Honey mixed with Honey regularly provides benefits in Kidney  Stones. Due to its use, Kidney  Stones are melted and Urine passes out.

Use of Basil (Tulsi)  in diseases related to the Stomach

Almost all people suffer from Stomach related diseases like - Stomach Irritation, Stomach Pain, Gas, bloating, etc. Basil (Tulsi)  is a panacea for the Treatment of Stomach related diseases such as Stomach Irritation, Abdominal Pain, Gas, bloating, etc. Regular intake of Basil (Tulsi)  Leaves and Basil (Tulsi)  seeds provide relief in diseases like Ulcers.

Use of Basil (Tulsi)  to Relieve Mental  Stress

A lot of research has been done by scientists to treat Mental  Stress. It has been learned in this research that the use of Basil (Tulsi) is very beneficial in the Treatment of  Mental  StressBasil (Tulsi)  has Anti - Stress elements due to which we get relief from Mental  Stress. The Anti -Stress elements found in Basil (Tulsi)  are also helpful in keeping us away from negative thoughts generated in our Brain due to Mental  Stress.


Home  Remedies by Basil (Tulsi)

For the Treatment of Stomach related diseases such as Stomach Irritation, Stomach Pain, Gas, bloating, etc., one drop of Ram Basil (Tulsi) should be consumed daily. Consuming one drop of Ram  Basil (Tulsi)  daily ends Stomach diseases like Stomach Irritation, Abdominal Pain, Gas, bloating, etc.

If the Skin of your Body is Burnt then apply the juice of Basil (Tulsi)  Leaves on the Burnt area. Applying the juice of Basil (Tulsi)  Leaves on The burnt area will reduce Irritation and Wound s will also heal quickly.

If you have problems like Ear PainRunny Ear, then heat the juice of Basil (Tulsi)  Leaves lightly and put it in the Ear. Putting the juice of Basil (Tulsi)  Leaves lightly in the Ear and heating it in the Ear will relieve you from the problem of Earache and Runny Earsoon.

To increase the Glow of the Face, make a paste by mixing the juice of Basil (Tulsi) Leaves in Lemon juice. Apply the paste made by the juice of Lemon juice and Basil (Tulsi) Leaves on your Face regularly. Soon your Face will Glow.

If a person has a disease of white spots, make a paste by mixing the juice of Basil (Tulsi)  Leaves in coconut oil and apply this paste on the skin regularly.

To get Fever, Cold boil 5-6 Leaves of Basil (Tulsi) )  in a glass of water and cool it. When it cools down, then filter this mixture and consume it twice daily. You will get relief from Fever, Colds very soon.

If you have Migraine or Headache problem, then regularly take decoction made by Basil (Tulsi)  Leaves daily. You will get rid of a Migraine or Headache problem very soon.

To correct the Digestive System, take Black Pepper regularly with Basil (Tulsi). Regular consumption of Black Pepper with Basil (Tulsi)  will correct your Digestive System and strengthen your digestion.

To purify impure Water, put some Leaves of Basil (Tulsi)  in impure Water, the Water will be purified in a while.

To reduce Mental  Stress, eat Basil (Tulsi) Tea daily. Eating Basil (Tulsi) Tea will give you relief in Mental  Stress.

If you have a problem with Piles then mix Basil (Tulsi)  seeds in Curd and eat regularly. You will get relief from Piles.

Those people who feel very Cold should boil 10 - 12 Leaves of Basil (Tulsi)  in a glass of milk and consume it daily.

In the case of Injury or Wound in any part of your body, you should prepare a mixture by mixing Basil (Tulsi)  Leaves with Alum. Apply a mixture of Basil (Tulsi)  Leaves and Alum on the Injury or Wound, so that your Injury or Wound will be cured very quickly and you will not have any kind of infection.

If your skin is getting irritated due to an Injury or Burning due to fire, then you can make a paste by mixing Basil (Tulsi)  Leaves with Mustard Oil and apply this paste on the Skin. After applying the paste you will get great relief in Burning sensation.

To hydrate the Facial  Skin, grind Basil (Tulsi)  Leaves and apply it on your face. Wash your face after a while. By doing this process daily, your Facial  Skin will be hydrated.

If you are worried about the problem of dandruff and dry scalp in your Head, then massage your Head with Basil (Tulsi)  oil daily. The problem of dandruff and dry scalp will end in your Head.

If you have any Liver related problems, then you should consume Basil (Tulsi)  Leaves in Water in the morning every day by boiling them. Problems related to your Liver will be eliminated.

If you have Irritation in the Eyesitching in the Eyes, then you should add 2 drops of Shyama Basil (Tulsi)  Leaves daily at bedtime.

If you have Asthma or Respiratory problems, then regularly sit in front of Basil (Tulsi)  plant every day. By doing this your Asthma or Respiratory problems will be eradicated.

To remove Mouth  Odor and Bad Breath, you boil some Leaves of Basil (Tulsi)  in Water and cool the mixture. Once cooled, rinse with that Water. Do this activity regularly every day, this will remove the bad Odor of your Mouth and Bad Breath.

If you have a Sore Throat, make a mixture by mixing Basil (Tulsi) Leaves with Ginger juice. Mix this mixture with honey and consume it. Consumption of this mixture will eliminate the problem of Sore Throat.

Mixing an equal quantity of Basil (Tulsi)  Leaves and Lemon juice on herpes and other stage disorders is beneficial by applying it to herpes and other stage disorders.

Taking Honey mixed with the juice of Basil (Tulsi)  Leaves gives relief from the problem of bleeding and dizziness.

If you are having Pain in your Ear, then mix Camphor in the juice of Basil (Tulsi)  Leaves and put 2 - 4 drops in your Ear. Your Ear  Pain will be over.

If you have a Toothache, then grind Black Pepper in the juice of basil leaves and make small tablets of this mixture. Press these pills under the aching Tooth for a while, slowly your Toothache will end.

If you cut a small thick makoda, then apply the juice of Basil (Tulsi)  Leaves on the cut area. The effect of the toxin will be eliminated by the effect of the juice of Basil (Tulsi)  Leaves.

In the case of Headache, grind Camphor in the juice of Basil (Tulsi)  Leaves and apply this mixture on your foreHead. Your Headache will end.

If you are having problems with Intestinal  Torsion in your Stomach, then dry the Basil (Tulsi)  Leaves and grind them. Make a mixture by mixing an equal quantity of Cumin, Powder of Belgiri, Black Salt in the Powder of Basil (Tulsi)  Leaves. Mixing this mixture in Curd or ButterMilk and consuming it will eliminate the problem of Intestinal  Torsion in your Stomach.

If you have any kind of skin infection, then you make a paste by mixing Gram Flour in the juice of Basil (Tulsi)  Leaves. Applying this paste on the Skin regularly will end your Skin infection problem.


Beauty Benefits by Basil (Tulsi)

Basil (Tulsi)  hydrates our Skin.

Basil (Tulsi)  is used as an Anti-aging Skin.

Basil (Tulsi)  is very beneficial for the smooth Face and dry skin.

Basil (Tulsi)  is very beneficial for any type of problem-related to hair.


Benefits of consuming Basil (Tulsi)  Leaves

If Pregnant Women have a Vomiting problem, taking Basil (Tulsi)  Leaves is very beneficial.

If your Body Weight has increased a lot, then regularly consume the juice of Basil (Tulsi)  Leaves daily, this will reduce your Body Weight in a very short time.

By regularly consuming Basil (Tulsi)  daily, your Heart works healthy and properly. Taking Basil (Tulsi)  does not cause Heart Attack.

Regularly consuming Basil (Tulsi)  daily reduces your Cholesterol, due to which your Blood clots do not freeze.

Elements like folate and Iron are found in Basil (Tulsi)  which work to increase Blood in our Body.

Regular intake of Basil (Tulsi)  increases the level of Hemoglobin in the blood and the amount of  Red Blood Cell in our Body, due to which we get benefit in diseases like Anemia.

Basil (Tulsi)  contains Vitamins, Fiber, Zinc, Phosphorus, Copper, Magnesium, etc., which work to increase the Immunity of our Body.


How to consume Basil (Tulsi)

The best way to consume Basil (Tulsi)  is to swallow Basil (Tulsi)  Leaves directly or by extracting Basil (Tulsi)  juice, by making a decoction of Basil (Tulsi). Take it You can also use some Leaves of Basil (Tulsi)  in TeaBasil (Tulsi)  Leaves should never be chewed and eaten.

The first reason for this is that the Basil (Tulsi) plant is a very revered plant in Hinduism. The Basil (Tulsi) plant is worshiped as a goddess in Hinduism. Basil (Tulsi)  plant is seen as happiness and well-being in Hinduism.

The second reason for this is that elements of Mercury are found in the Leaves of Basil (Tulsi)  which are harmful to the Teeth.


Important things related to Basil (Tulsi)

In Ayurveda Shastra, Basil (Tulsi)  is considered as a Sanjeevani herb. All the parts of Basil (Tulsi)  plant such as Basil (Tulsi)  leaf, Basil (Tulsi)  branch, and Basil (Tulsi)  seeds contain many types of chemical elements.

By using all the parts of Basil (Tulsi)  plant such as Basil (Tulsi)  leaf, Basil (Tulsi)  sprig, and Basil (Tulsi)  seeds, we can also prevent and eliminate complex diseases from the complex, which is why most In Ayurvedic Medicine, all parts of Basil (Tulsi)  plant such as Basil (Tulsi)  leaf, Basil (Tulsi)  branch, and Basil (Tulsi)  seeds are used.

Basil (Tulsi)  is very beneficial in both the inner and outer parts of the Human Body. A very special quality of Basil (Tulsi)  is that it gives benefits according to the Human's effect.

All parts of Basil (Tulsi)  plant such as Basil (Tulsi)  leaf, Basil (Tulsi)  sprig, and Basil (Tulsi)  seeds are highly effective because of the Basil (Tulsi)  plant used in Ayurveda and Naturopathy. Goes Basil (Tulsi) plant also protects your house from negative illusions.

Tulsi vriksha na janiye (तुलसी वृक्ष ना जानिए।)
Gain a janiye dhor (गाय ना जानिये ढोर।।)
Guru manuj na janiye (गुरू मनुज ना जानिये।)
Ye teeno Nand Kishor (ये तीनों नन्दकिशोर।।)

That is, you should never consider Basil (Tulsi)  as an ordinary tree, never consider a Cow as an animal, never consider a Guru as an ordinary Human being, because these three are the forms of God.

The following are the essential things related to Basil (Tulsi).

1 - Basil (Tulsi)  Leaves should never be chewed and eaten.

2 - Never touch Basil (Tulsi)  on Sunday.

3 - Use of Basil (Tulsi)  in the worship of Shiva and Ganesha is prohibited.

4 - If the Basil (Tulsi)  plant has dried, then it should not be kept.

5 - Basil (Tulsi)  should not be touched after dusk.


Disadvantages (Loss) of Basil (Tulsi) 

The use of Basil (Tulsi) should be reduced in the summer season due to the slightly warmer of Basil (Tulsi). You can consume Basil (Tulsi)  comfortably in the winter season, there is no harm to your body due to its consumption.

Consumption of Basil (Tulsi)  can reduce or decrease the amount of Blood Sugar in your body, so a person who has Diabetes or Hypoglycemia the problem should not consume Basil (Tulsi).

If you consume Basil (Tulsi) Tea more than times per day, then there may be problems like Acidity, Burning in your Stomach and Chest.

  

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