रक्षा बंधन क्या है और क्यों मनाया जाता है हिंदी में, रक्षा बंधन पर्व 2020 कब और किस दिन हैं हिंदी में, रक्षा बंधन कैसे मनाया जाता है हिंदी में


रक्षा बंधन क्या है और क्यों मनाया जाता है हिंदी में, रक्षा बंधन पर्व 2020 कब और किस दिन हैं हिंदी में, रक्षा बंधन कैसे मनाया जाता है हिंदी में


रक्षा बंधन क्या है और क्यों मनाया जाता है हिंदी में, रक्षा बंधन पर्व 2020 कब और किस दिन हैं हिंदी में, रक्षा बंधन कैसे मनाया जाता है हिंदी में,(What is Raksha Bandhan and why is it celebrated in Hindi, when and what days are Raksha Bandhan festival 2020 in Hindi, how is Raksha Bandhan celebrated in Hindi)

रक्षा बंधन पर्व 2020 (Raksha Bandhan in Hindi) का नाम सुनते ही भाई बहनों के चेहरे ख़ुशी से खिल जाते हैं. भाई बहन का रिश्ता ऐसा होता हैं जिसे शब्दों में बयां करना नामुमकिन हैं.

भाई बहन का रिश्ता बहुत ही अधिक पवित्र होता हैं इसलिए सम्पूर्ण विश्व में इस रिश्ते का बहुत ज्यादा सम्मान किया जाता हैं. रक्षा बंधन पर्व 2020 (Raksha Bandhan in Hindi) भारत (India) में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार हैं. रक्षा बंधन पर्व 2020 (Raksha Bandhan in Hindi) पूरे देश में बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं.

रक्षा बंधन क्या है और क्यों मनाया जाता है? (Raksha Bandhan kya hai aur kyon manaya jata hai)

रक्षा बंधन कैसे मनाया जाता है ? (Raksha Bandhan kaise manaya jata hai)

रक्षा बंधन का इतिहास क्या हैं? (Raksha Bandhan ka Itihas kya hai)

रक्षा बंधन का अर्थ क्या है? (Raksha Bandhan ka arth kya hai)

अधिकांश व्यक्ति इन सवालों का जवाब भलिभांति जानते हैं.

भाई बहन का रिश्ता बहुत ही अधिक पवित्र होता हैं इसलिए सम्पूर्ण विश्व में इस रिश्ते का बहुत ज्यादा सम्मान किया जाता हैं. ऐसे में भारत (India) देश कैसे पीछे रह सकता हैं.

भारत (India) देश को संस्कृतियों की जन्मभूमि भी कहा जाता हैं. भारत (India) में रक्षा बंधन पर्व (Raksha Bandhan Festival in Hindi) एक त्योहार के रूप में मनाते हैं. रक्षा बंधन पर्व 2020 (Raksha Bandhan in Hindi) हिन्दू धर्म का बहुत ही विशेष पर्व हैं.

रक्षा बंधन का  त्योहार (Raksha Bandhan Festival in Hindi) सिर्फ भारत (India) में ही नहीं नेपाल सहित ऐसे अन्य देश जहाँ हिन्दू धर्म के लोग निवास करते हैं वहां भी बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं.

रक्षा बंधन का त्योहार (Raksha Bandhan Festival in Hindi) श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता हैं.

आज हम इस लेख के माध्यम से आपके रक्षा बंधन पर्व 2020 (Raksha Bandhan in Hindi) से सम्बंधित सभी प्रश्नों  यथा

रक्षा बंधन क्या है? (Raksha Bandhan kya hai)

रक्षा बंधन क्यों मनाया जाता है? (Raksha Bandhan kyon manaya jata hai)

रक्षा बंधन कैसे मनाया जाता है ? (Raksha Bandhan kaise manaya jata hai)

रक्षा बंधन का इतिहास क्या हैं? (Raksha Bandhan ka Itihas kya hai)

रक्षा बंधन का अर्थ क्या है? (Raksha Bandhan ka arth kya hai)

रक्षा बंधन पर्व 2020 कब हैं ? (Raksha Bandhan Parv 2020 kab hai)

रक्षा बंधन पर्व 2020 किस दिन हैं? (Raksha Bandhan Parv 2020 kis din hai)

रक्षा बंधन पर्व 2020 कब मनाया जाता है? (Raksha Bandhan Parv 2020 kab manaya jata hai)

रक्षा बंधन पर्व 2020 किस दिन मनाया जाता हैं? (Raksha Bandhan Parv 2020 kis din manaya jata hai)

रक्षा बंधन पर्व 2020 किस दिन व तारीख को हैं ? (Raksha Bandhan Parv 2020 kis din v taarikh ko hai)

रक्षा बंधन की कहानियां कौन कौन सी हैं? (Raksha Bandhan ke kahaniya kaun kaun se hai)

रक्षा बंधन त्योहार 2020 में क्या होता हैं ? (Raksha Bandhan Parv 2020 me kya hota hai)

राखी (Rakhi in Hindi) बांधने की विधि क्या हैं (Rakhi bandhane ki Vidhi kya hai)

रक्षा बंधन त्योहार 2020 की रिवाज एवं परंपरा क्या हैं ?

रक्षा बंधन त्योहार 2020 की आधुनिक परंपरा क्या हैं ?

रक्षा बंधन पर्व 2020 का महत्त्व क्या हैं ?

रक्षा बंधन हिंदी शायरी कौन कौन सी हैं?

रक्षा बंधन हिंदी WhatsApp Status कौन कौन सा हैं?

रक्षा बंधन हिंदी Quotes कौन कौन से हैं?

भारत (India) के अन्य धर्मों में रक्षा बंधन पर्व 2020 कैसे मनाया जाता है?

राखी (Rakhi in Hindi) बांधने का शुभ मुहूर्त कब है?

2020 में रक्षाबंधन कब है?

भारत (India) के अन्य राज्यों में रक्षा बंधन पर्व 2020 कैसे मनाया जाता है?

के बारें में विस्तारपूर्वक जानकारी देंगे.


रक्षा बंधन क्या है? (Raksha Bandhan kya hai in Hindi) (What is Raksha Bandhan in Hindi)

रक्षा बंधन दो शब्दों के मेल रक्षा एवं बंधन शब्द से मिलकर बना हुआ हैं. संस्कृत में रक्षा बंधन का अर्थ हैं वह बंधन जो रक्षा प्रदान करता हैं.

रक्षा बंधन भाई बहन के रिश्ते को प्रदर्शित करता हैं. रक्षा बंधन भाई बहन के पवित्र, निर्मल रिश्ते को प्रदर्शित करता हैं. रक्षा बंधन त्योहार आनंद एवं ख़ुशी प्रदान करने वाला त्योहार हैं.

रक्षा बंधन पर्व में बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी, Rakhi in Hindi) बांधती हैं और वही भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता हैं.


रक्षा बंधन क्यों मनाया जाता है? (Raksha Bandhan kyo manaya jata hai in Hindi) (Why Raksha Bandhan is celebrated in Hindi)

आप सभी के मन में यह प्रश्न जरूर आ रहा होगा कि हम लोग रक्षा बंधन क्यों मनाते हैं?

रक्षा बंधन भाई बहन के रिश्ते को प्रदर्शित करता हैं. रक्षा बंधन भाई बहन के पवित्र, निर्मल रिश्ते को प्रदर्शित करता हैं. रक्षा बंधन त्योहार आनंद एवं ख़ुशी प्रदान करने वाला त्योहार हैं.

रक्षा बंधन पर्व में बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी, Rakhi in Hindi) बांधती हैं और वही भाई अपनी बहन की रक्षा एवं अपने कर्तव्यों को निभाने का वचन देता हैं.

वही कोई भी अन्य स्त्री पुरुष भी जो कि भाई बहन के रिश्तों की मर्यादायों को समझते हैं रक्षा बंधन का त्योहार मना सकते हैं.

रक्षा बंधन पर्व पर बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी, Rakhi in Hindi) बांधती हैं और ईश्वर से प्रार्थना करती हैं कि उसका भाई जीवन भर हंसी ख़ुशी एवं स्वस्थ रहे और वही भाई अपनी बहन की रक्षा, अपने कर्तव्यों को निभाने एवं हमेशा बहन का साथ देने का  वचन देता हैं. भाई भी ईश्वर से प्रार्थना करता हैं कि उसकी बहन जीवनभर हंसी ख़ुशी, स्वस्थ रहे एवं दीर्घायु हो.


रक्षा बंधन पर्व 2020 किस दिन व तारीख को हैं, रक्षा बंधन पर्व 2020 कब हैं (What day and date are Raksha Bandhan festival 2020, when is Raksha Bandhan festival 2020)

रक्षा बंधन का त्योहार (Raksha Bandhan Festival in Hindi) श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता हैं. रक्षा बंधन पर्व (Raksha Bandhan Festival in Hindi) 2020 में 3 अगस्त  दिन सोमवार को पड़ेगा.


रक्षा बंधन का इतिहास क्या हैं? (Raksha Bandhan ka Itihas kya hai in Hindi) (What is the history of Raksha Bandhan in Hindi)

रक्षा बंधन पर्व 2020 (Raksha Bandhan in Hindi) भारत (India) में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार हैं. रक्षा बंधन पर्व 2020 (Raksha Bandhan in Hindi) पूरे देश में बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं.

भारत (India) में रक्षा बंधन पर्व (Raksha Bandhan Festival in Hindi) एक त्योहार के रूप में मनाते हैं. रक्षा बंधन पर्व 2020 (Raksha Bandhan in Hindi) हिन्दू धर्म का बहुत ही विशेष पर्व हैं.

सभी पर्वों की तरह रक्षा बंधन पर्व (Raksha Bandhan in Hindi) का भी इतिहास (Raksha Bandhan ka Itihas in Hindi) हैं. रक्षा बंधन पर्व (Raksha Bandhan Festival in Hindi) मनाने के पीछे कई प्रचलित कहानियां (Raksha Bandhan ki Kahani in Hindi)  हैं.


1 - सम्राट Alexander एवं सम्राट पुरु की रक्षा बंधन की कहानी (Raksha Bandhan ki Kahani in Hindi)  (Story of Raksha Bandhan in Hindi)

सम्राट Alexander एवं सम्राट पुरु की रक्षा बंधन की कहानी (Raksha Bandhan ki Kahani in Hindiसन 300 BC की हैं. उस समय भारत (India) विजय के लिए सम्राट Alexander अपनी सेना लेकर आया था. उसी समय सम्राट पुरु का भारत (India) में बोलबाला था.

सम्राट Alexander एक वीर, साहसी राजा था लेकिन सम्राट पुरु ने उसे नाकों चने चबवा दिए थे. 

सम्राट Alexander की धर्मपत्नी को रक्षा बंधन के बारे में जानकारी प्राप्त हुई तो उसने सम्राट पुरु को रक्षा सूत्र (राखी, Rakhi in Hindi) भेजवाया.

सम्राट पुरु ने भी सम्राट Alexander की धर्मपत्नी को बहन मानते हुए युद्धविराम की घोषणा कर दी.


2 – रानी कर्णावती एवं सम्राट हुमायूँ की रक्षा बंधन की कहानी(Raksha Bandhan ki Kahani in Hindi) 

रानी कर्णावती चितौड़ की शासक थी. रानी कर्णावती के विधवा एवं अकेले होने के कारण गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह ने चितौड़ पर आक्रमण कर दिया था.

रानी कर्णावती चितौड़ को बचा पाने में अपने को असमर्थ महसूस कर रही थी. उस वक़्त रक्षा बंधन त्योहार का प्रचलन था. रानी कर्णावती ने मुग़ल शासक हुमांयू को एक रक्षा सूत्र (राखी, Rakhi in Hindi) भेजवाया और चितौड़ की रक्षा के लिए मदद की मांग की.

मुग़ल शासक हुमांयू ने रक्षा सूत्र (राखी, Rakhi in Hindi) को स्वीकार करते हुए बहन रानी कर्णावती की मदद के लिए अपनी सेना को चितौड़ भेजा. जिसके कारण गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह ने चितौड़ से अपने पाँव वापस खींच लिए.


3 - इन्द्रदेव की पत्नी सची और भगवान् विष्णु की रक्षा बंधन की कहानी (Raksha Bandhan ki Kahani in Hindi) 

एक बार देवताओं के ऊपर असुरों के राजा बलि ने आक्रमण कर दिया. इस युद्ध में देवराज इंद्र को बहुत हानि पहुंची थी. देवराज इंद्र की स्थिति को देखकर उनकी धर्मपत्नी सची भगवान् विष्णु के पास गई और उनसे मदद की गुहार लगाई.

भगवान् विष्णु ने एक धागा देवी सची को दिया और कहा कि यह धागा ले जाकर देवराज इंद्र की कलाई में बाँध दो. देवी सची ने भगवान् विष्णु द्वारा दिए गए धागे को ले जाकर देवराज इंद्र की कलाई में बाँध दिया. जिसके कारण असुरों के राजा बलि की हार हुई.

इसी कारण प्राचीन समय में जब भी कोई राजा युद्ध पर जाता था तो राजा एवं उनके सैनिकों की कलाई पर उनकी पत्नी एवं बहनें रक्षा सूत्र (राखी, Rakhi in Hindi) बाँध देती थी जिससे वह सब विजयी होकर कुशलतापूर्वक वापस घर आ सकें.


4 - माता लक्ष्मी एवं राजा बलि की रक्षा बंधन की कहानी (Raksha Bandhan ki Kahani in Hindi) 

असुरों के राजा बलि भगवान् विष्णु का अनन्य भक्त था. असुरराज बलि की भक्ति से प्रभावित होकर भगवान् विष्णु स्वयं उसके राज्य की सुरक्षा करते थे.

इस स्थिति में भगवान् विष्णु अपने धाम बैकुंठ में अनुपस्थित रहने लगे जिसके कारण देवी लक्ष्मी बहुत परेशान रहने लगी. इसे लिए देवी लक्ष्मी ने एक युक्ति निकली और ब्राह्मण स्त्री का वेश धारण करके असुरराज बलि के राजमहल में निवास करने लगी.

कुछ समय के उपरान्त माता लक्ष्मी ने असुरराज बलि की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी, Rakhi in Hindi) बाँध दिया एवं असुरराज बलि द्वारा कुछ देने का वचन ले लिया.

माता लक्ष्मी ने असुरराज बलि से भगवान् विष्णु को उनके साथ वापस बैकुंठ धाम लौटने के लिए कहा.  असुरराज बलि ने माता लक्ष्मी को वचन दिया था इसलिए भगवान् विष्णु को उनके साथ वापस बैकुंठ धाम लौटना पड़ा.

इस कारण रक्षा बंधन को कई जगह बलेव्हा भी कहते हैं.


5 - भगवान् श्री कृष्ण एवं द्रौपदी की रक्षा बंधन की कहानी (Raksha Bandhan ki Kahani in Hindi) 

मानवता की सुरक्षा के लिए भगवान् श्री कृष्ण ने पापी राजा शिशुपाल का वध किया था. इस युद्ध में भगवान् श्री कृष्ण के अंगूठे में चोट लग गई थी.

यह देखकर द्रौपदी ने अपने वस्त्र से कपडे का टुकड़ा फाड़ कर भगवान् श्री कृष्ण के अंगूठे में बाँध दिया. द्रौपदी द्वारा किये गए इस कार्य से भगवान् श्री कृष्ण बहुत प्रसन्न हुए और द्रौपदी की रक्षा का वचन दिया.

कुछ समय के पश्चात पांडवो द्वारा जुए के खेल में द्रौपदी की हार हुई. तब कौरवों के राजकुमार दुःशासन बीच सभा में द्रौपदी का चीर हरण करने लगा तब भगवान् श्री कृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा करके उसकी लाज को बचाया था.


6 -  महाभारत में रक्षा सूत्र (राखी, Rakhi in Hindi) की कहानी

महाभारत युद्ध शुरू होने के पूर्व भगवान् श्री कृष्ण ने युधिष्ठिर से कहा कि यदि महाभारत के युद्ध में स्वयं की एवं सैनिकों की सुरक्षा करनी हैं तो सभी को रक्षा सूत्र (राखी, Rakhi in Hindi) का प्रयोग करना होगा.

ऐसे में द्रौपदी ने भगवान् श्री कृष्ण की कलाई एवं माता कुंती ने अपने नाती और अपने पुत्रों की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी, Rakhi in Hindi) बाँधा था.


7 – भगवान् गणेश एवं माता संतोषी की रक्षा बंधन की कहानी (Raksha Bandhan ki Kahani in Hindi) 

भगवान् गणेश के पुत्र शुभ एवं लाभ को यह दुःख था कि उनकी कोई बहन नहीं हैं. शुभ लाभ अपने पिता भगवान् गणेश से एक बहन के लिए जिद करने लगे.

ऐसी विकट स्थिति को देखते हुए देवर्षि नारद जी ने भगवान् गणेश जी से प्रार्थना की. तब भगवान् गणेश जी ने अपनी शक्ति से एक कन्या को उत्पन्न किया जिसका नाम संतोषी रखा गया.


8 - मृत्यु के देवता यम एवं यमुना जी की रक्षा बंधन की कहानी (Raksha Bandhan ki Kahani in Hindi) 

प्राचीन कथा के अनुसार लगभग 12 वर्षों तक मृत्यु के देवता यम अपनी बहन यमुना जी से मिलने नहीं गए थे. इस कारण यमुना जी बहुत दुखी रहने लगी ही.

ऐसे में माता गंगा जी के कहने पर मृत्यु के देवता यम जी अपनी बहन यमुना जी से मिलने गए. अपने भाई मृत्यु के देवता यम जी को देखकर यमुना जी अत्यधिक प्रसन्न हुई और उनकी खूब सेवा सत्कार किया.

जिससे यमदेव बहुत प्रसन्न हुए और अपनी बहन यमुना जी से कुछ मांगने के लिए कहा. यमुना जी ने यमदेव से कहा कि मुझे आपसे बारम्बार मिलना हैं.

यमदेव ने उनकी इस इच्छा को पूरा किया,जिसके कारण यमुना जी को अमरता प्राप्त हुई.


भारत (India) के अन्य धर्मों में रक्षा बंधन पर्व 2020 कैसे मनाया जाता है

यहाँ हम जानेंगे कि भारत (India) के अन्य धर्मों में रक्षा बंधन पर्व 2020 कैसे मनाया जाता है.

1 -  हिंदू धर्म (सनातन धर्म) में रक्षा बंधन पर्व 2020 कैसे मनाया जाता है

रक्षा बंधन का त्योहार हिंदू धर्म (सनातन धर्म) का एक प्रमुख त्योहार हैं. रक्षा बंधन पर्व 2020 (Raksha Bandhan in Hindi) भारत (India) में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार हैं. 

रक्षा बंधन पर्व 2020 (Raksha Bandhan in Hindi) पूरे देश में बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं. रक्षा बंधन पर्व 2020 (Raksha Bandhan in Hindi) भारत (India) में कैसे मनाया जाता हैं आपको नीचे विस्तारपूर्वक पढने को मिलेगा.

रक्षा बंधन का त्योहार (Raksha Bandhan Festival in Hindi) सिर्फ भारत (India) में ही नहीं नेपाल सहित ऐसे अन्य देश जहाँ हिन्दू धर्म के लोग निवास करते हैं वहां भी बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं.


2 – जैन धर्म में रक्षा बंधन पर्व 2020 कैसे मनाया जाता है

जैन धर्म के अनुसार जैन पुजारी जैन भक्तों को एक पवित्र धागा देते हैं.

3 – सिख धर्म में रक्षा बंधन पर्व 2020 कैसे मनाया जाता है

सिख धर्म के अनुसार रक्षा बंधन को राखाडी अथवा राखरी के नाम से जाना जाता हैं. सिख धर्म में भी यह त्योहार भाई बहन मिलकर मनाते हैं.

रक्षा बंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाते हैं. रक्षा बंधन का त्योहार भाई बहन को स्नेह के धागे से बांधने का काम करता हैं. रक्षा बंधन भाई बहन के पवित्र, निर्मल रिश्ते को प्रदर्शित करता हैं. रक्षा बंधन के दिन बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं जिसे राखी कहा जाता हैं.


रक्षा बंधन कैसे मनाया जाता है (Raksha Bandhan kaise manaya jata hai) (How is Raksha Bandhan celebrated in Hindi)

यहाँ हम रक्षा बंधन कैसे मनाया जाता है (Raksha Bandhan kaise manaya jata hai) के बारे में विस्तारपूर्वक जानेंगे.

रक्षा बंधन के दिन मन एवं शरीर को पवित्र करने के लिए प्रातः काल स्नान कर लेना चाहिये. अब इसके बाद भगवान् की पूजा अर्चना करना चाहिये. इसके बाद आप राखी की थाल को सजाइए. रक्षा बंधन पर्व के दिन राखी की थाल के लिए आप एक पीतल की थाल लीजिये. इस थाल में राखी ,चंदन ,दीपक ,कुमकुम, हल्दी,चावल के दाने पुष्प एवं मिठाई रखिये. अब हम आपको राखी बांधने की विधि बताएँगे.


राखी बांधने की विधि क्या हैं (Rakhi bandhane ki Vidhi kya hai)

अपने भाई को एक स्वच्छ स्थान पर बैठाइये. सर्वप्रथम आप राखी की थाल में रखे दीपक को प्रज्ज्वलित कीजिये. 

अब अपने भाई के मस्तक पर चन्दन का तिलक लगाइए. इसके बाद बहन अपने भाई की आरती उतारती हैं .

फिर बहन अपने हाथों में अक्षत लेकर भाई के ऊपर फेंकती हैं. इसके बाद बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र को बांधती हैं और भाई को मिठाई खिलाती हैं.

अब यदि बहन उम्र में बड़ी होती हैं तो भाई अपनी बहन के चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लेता हैं और यदि भाई उम्र में बड़ा हो तो बहन अपने भाई के चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लेती हैं.

अब इसके बाद भाई अपनी बहन को यथा क्षमता अनुसार एक उपहार देता हैं. इसके बाद राखी बांधने की रस्म पूरी हो जाती हैं.

इस पूरी प्रक्रिया के पूर्ण होने तक भाई बहन को व्रत (भूखा) रखना पड़ता हैं.

भारत (India) के अन्य राज्यों में रक्षा बंधन पर्व 2020 कैसे मनाया जाता है

भारत (India) एक विशाल देश हैं. यह कई राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित हैं. सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की संस्कृति अलग अलग होने के कारण रक्षा बंधन पर्व कई तरीकों से मनाया जाता हैं.

यहाँ हम भारत (India) के अन्य राज्यों में रक्षा बंधन पर्व 2020 कैसे मनाया जाता हैं के बारे में विस्तारपूर्वक जानेंगे.

1 – पश्चिमी घाट में रक्षा बंधन त्योहार कैसे मनाया जाता हैं

पश्चिमी घाट में रक्षा बंधन त्योहार भगवान् वरुण को देय के रूप में मनाते हैं. भगवान् वरुण समुद्र के देवता हैं. रक्षा बंधन के दिन नारियल को समुद्र में डालकर कर भगवान् वरुण को अर्पित किया जाता हैं इसलिए राखी पूर्णिमा को नारियल पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता हैं.

2 - दक्षिण भारत में रक्षा बंधन त्योहार कैसे मनाया जाता हैं

दक्षिण भारत में रक्षा बंधन त्योहार को अवनी अबित्तम के नाम से जाना जाता हैं. अवनी अबित्तम का दिन ब्राह्मण वर्ग के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन होता हैं. इस दिन ब्राह्मण वर्ग के लोग स्नान आदि से निवृत्त होकर के वैदिक मंत्रोचारण के साथ अपने जनेऊ को बदल देते हैं. इस प्रसंग को श्रावणी अथवा ऋषि तर्पण कहते हैं.

3 – उत्तर भारत में रक्षा बंधन त्योहार कैसे मनाया जाता हैं

उत्तर भारत में रक्षा बंधन पर्व को कजरी पूर्णिमा के नाम से भी मनाया जाता हैं. कजरी पूर्णिमा के दिन किसान लोग अपने खेत में गेंहू, धान जैसी अन्य अनाज को छिड़ककर माता भगवती की विधि विधान से पूजा अर्चना करते हैं और माता भगवती से अच्छी फसल, सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगते हैं.

4 -  गुजरात में रक्षा बंधन त्योहार कैसे मनाया जाता हैं

गुजरात में श्रावण मास के महीने में हर सोमवार के दिन भगवान् शंकर जी का जलाभिषेक करते हैं. श्रावण मास में रुई को पंच्कव्य में डालकर उसे शिवलिंग पर बाँध दिया जाता हैं. इस अनुष्ठान को पवित्रोपन्ना कहते हैं.

रक्षा बंधन पर्व 2020 का महत्त्व (Importance of Raksha Bandhan festival 2020 in Hindi)

रक्षा बंधन पर्व का महत्त्व बहुत ही विशेष हैं. रक्षा बंधन भाई बहन के रिश्ते का प्रतीक हैं. रक्षा बंधन भाई बहन के पवित्र, निर्मल रिश्ते को प्रदर्शित करता हैं. रक्षा बंधन त्योहार आनंद एवं ख़ुशी प्रदान करने वाला त्योहार हैं.

रक्षा बंधन पर्व में बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी, Rakhi in Hindi) बांधती हैं और वही भाई अपनी बहन की रक्षा एवं अपने कर्तव्यों को निभाने का वचन देता हैं.

वही कोई भी अन्य स्त्री पुरुष भी जो कि भाई बहन के रिश्तों की मर्यादायों को समझते हैं रक्षा बंधन का त्योहार मना सकते हैं.

रक्षा बंधन पर्व पर बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी, Rakhi in Hindi) बांधकर ईश्वर से प्रार्थना करती हैं कि उसका भाई जीवन भर हंसी ख़ुशी एवं स्वस्थ रहे और वही भाई अपनी बहन की रक्षा, अपने कर्तव्यों को निभाने एवं हमेशा बहन का साथ देने का  वचन देता हैं. भाई भी ईश्वर से प्रार्थना करता हैं कि उसकी बहन जीवनभर हंसी ख़ुशी, स्वस्थ रहे एवं दीर्घायु हो.


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